कार्पोरेट दुनिया में भले ही क्लीन शेव रखने वाले लोग अधिक हों, लेकिन स्टाइल, मस्ती और रोमांच को पसंद करने वाले लोगों को हैंडलबार मूंछें आज भी लुभाती हैं।
जरा आईने के सामने खडे़ होकर चेहरे पर शौर्य और आत्मिवश्वास की प्रतीक अपनी मूंछों को नजर घुमाकर देखें, आप पाएंगे की हैंडलबार या घुमावदार मूंछें सभी चेहरों पर फबती हैं।
राजस्थान समेत देश के दूसरे कई राज्यों और दूरदराज के इलाकों में तो आज भी हैंडलबार मूंछों को मर्दों की पहचान माना जाता है। राजा-रजवाड़ों से लेकर योद्धाओं और नवाबी ठाठ की पहचान रही हैं हैंडलबार मूंछें। भारत में 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान अंग्रेज भी इसी तरह की मूंछें रखते थे, जिन्हें ताकत का पर्याय माना जाता था। मुगल सम्राट भी इसी तरह की मूंछे रखते थे।
सेलेब्रिटीज, फिल्मों और फैशन की दुनिया ने भी हैंडलबार के ट्रेंड को अपनाया है। फिल्मी हीरो से लेकर गायकों तक, फैशन गुरु से लेकर खिलाड़ियों तक सभी अपनी मूंछों को आकर्षक स्टाइल में रखने लगे हैं। क्रि केटर शिखर धवन और बॉलीवुड अभिनेता रणबीर सिंह भी हैंडलबार की तरह मूंछे रख चुके हैं। यही नहीं, हमेशा क्लीन शेव रहने वाले शाहरुख खान का मुस्टैच लुक भी सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर चुका है। उन्होंनें इसके बारे में ट्वीट भी किया कि बैटरी खत्म हो गई थी, इसलिए मूंछें रह गई। फिल्म रामलीला में रणबीर सिंह की हैंडलबार मूंछों की खूब चर्चा रही थी।
- आपको हैरानी होगी कि घुमावदार मूंछों का नाम साइकिल के हैंडलबार के नाम पर ही पड़ा था।
- हैंडलबार जैसी मूंछें रखने वालों का एक क्लब भी है। इसका गठन 1947 में लंदन में हुआ था।
- 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान अंग्रेज भी इसी तरह की मूंछें रखते थे।
- फिल्मों और फैशन की दुनिया में भी है हैंडलबार का बोलबाला।
आप भी इसी तरह की मूंछे रख सकते हैं। आपको बस इतना करना है कि आपको अपनी पसर्नैलिटी के मुताबिक मूंछों का चयन करें। आप हैंडलबार की तरह मूंछों को ऐंठकर आत्मविश्वास दिखा सकते हैं या इसे सम्मान के प्रतीक के रूप में भी धारण कर सकते हैं। हां, अगर आप भी मूंछों के शौकीन हैं, तो यह जानना जरूरी है कि इन मूंछों की देखभाल कैसे करें। आप भी झिझक छोड़ें और इस तरह की मूंछें रखें। ये खुद आपकी शख्सियत को बयां करेगी। शौर्य, मस्ती या स्टाइल दिखाने का मूंछों से बेहतर कोई तरीका नहीं हो सकता।
